ऑपरेशन के दौरान महिला की बच्चेदानी फटी,जन्मी बच्ची की सांस और हार्टबीट नहीं, मौत पर परिजनों में कोहराम • मामला कन्नौज जिला अस्पताल का, डाक...
ऑपरेशन के दौरान महिला की बच्चेदानी फटी,जन्मी बच्ची की सांस और हार्टबीट नहीं, मौत पर परिजनों में कोहराम
• मामला कन्नौज जिला अस्पताल का, डाक्टर की गैर मौजूदगी पर नर्स ने किया उपचार, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप।
कन्नौज।
रिपोर्ट -अवनीश चंद्र तिवारी उर्फ छोटे
प्रसव के दौरान एक नवजात बच्ची की मौत हो गई।
परिजनों ने मामले में लापरवाही का आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक कन्नौज शहर के सरायमीरा चौकी क्षेत्र के डाक बंगला रोड निवासी गौरव सैनी की बहन स्वेता गर्भवती थीं।
विगत दिन श्वेता को जिला अस्पताल में दिखाया गया था। यहां डाक्टर मनप्रीत कौर ने श्वेता को देखने के बाद प्रसव के लिए 11 सितंबर की डेट दी थी और जिला अस्पताल बुलाया था।
गुरुवार की सुबह 6 बजे के करीब श्वेता को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों के मुताबिक जब वह श्वेता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो मौके पर कोई भी डाक्टर मौजूद नहीं था।
मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स द्वारा श्वेता को उपचार हेतु भर्ती किया गया। परिजनों का आरोप है कि, उपचार के दौरान प्रसूता की प्रसव पीड़ा बढ़ाने को स्टाफ नर्स द्वारा इंजेक्शन दिया गया, इसके बाद डिलीवरी कराने के लिए प्रसूता के पेट पर भी दबाव बनाया गया।
परिजनों ने आगे बताया कि इस दौरान श्वेता की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों के मुताबिक प्रसूता की स्थित देखकर नर्स ने ऑपरेशन करने की बात कही और तिर्वा मेडिकल कॉलेज रिफर करने की भी बात कही। जिला अस्पताल में ऑपरेशन क्यों नहीं हो सकता, परिजनों के यह पूँछने पर नर्स द्वारा चुप्पी साध ली गई।
इस दौरान सुबह साढ़े 8 बजे के करीब डाक्टर मनप्रीत कौर मौके पर पहुंची और महिला को देखने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया।
ऑपरेशन के बाद डाक्टर ने ऑपरेशन थियेटर से बाहर आकर परिजनों को बताया कि, महिला की बच्चेदानी फट गई है, और जन्मी बच्ची की हालत गंभीर है। बच्ची को जब परिजनों को सौंपा गया तो पता चला कि, बच्ची की सांस और हार्टबीट नहीं चल रही थी।
नवजात की मौत पर परिजनों में चीखपुखर मच गई।
मामले में संबंधित डाक्टर का कहना था कि प्रसूता की बच्चेदानी फट गई थी जिसे सिलकर ठीक करने का प्रयास किया गया है।
डाक्टर ने स्वयं की गैरमौजूदगी पर स्टाफ नर्स द्वारा किए गए शुरुआती उपचार को लापरवाही बताते हुए कार्यवाही की बात भी कही है।
मामले में सीएमएस डा. गोपाल नारायण द्विवेदी का कहना था कि, उपचार में कोई स्टाफ लापरवाही नहीं करता है फिर भी मामले की जांच कराई जा रही है, दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।
उपरोक्त हादसे के दौरान श्वेता के पिता ने डाक्टर से पूंछा कि क्या उनकी बेटी कभी मां बन सकेगी, इस पर डाक्टर का कहना था कि, इंतजार करना होगा,करीब चार/पांच साल बाद बच्चेदानी की जांच और स्थित देखकर ही आगे की तस्वीर साफ हो सकेगी।
इस दौरान श्वेता के पिता की आंखों में भावुकता और आंसू साफ नजर आ रहे थे।
मामले में परिजनों ने कार्यवाही का मन बनाया है। उनका कहना था कि, उपरोक्त मामले में अस्पताल स्टाफ की लापरवाही है। इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री,
जिलाधिकारी और सीएमओ से की जाएगी। इसके अलावा दोषियों पर कार्यवाही की मांग भी परिजनों ने की है।
पूरे मामले में जांच क्या होगी यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन फिलहाल एक नवजात ने अपनी जिंदगी जरूर खो दी वहीं परिजनों और मां की आंख में आंसुओं का सैलाब।
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