सिंगरौली रिपोर्ट सूरज सिंह तीन माह का राशन गायब फिंगर लगवाया, फिर भी खाली हाथ लौटे ग्रामीण! खम्हनिया के सैकड़ों आदिवासी तहसील कार्यालय पहु...
सिंगरौली
रिपोर्ट सूरज सिंह
तीन माह का राशन गायब फिंगर लगवाया, फिर भी खाली हाथ लौटे ग्रामीण!
खम्हनिया के सैकड़ों आदिवासी तहसील कार्यालय पहुंचे, उचित मूल्य दुकान के विक्रेता पर गंभीर आरोप तहसीलदार ने मांगी सत्यापन रिपोर्ट
शासकीय उचित मूल्य दुकान से जून, जुलाई और अगस्त माह का राशन नहीं मिलने के आरोपों ने खम्हनिया में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंच गए और खाद्यान्न वितरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
ग्रामीणों का आरोप है कि राशन वितरण के नाम पर उनसे फिंगरप्रिंट तो लगवाया गया, लेकिन खाद्यान्न दिए बिना ही वापस लौटा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि तीन माह से राशन नहीं मिलने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि मामले की शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों के तहसील कार्यालय पहुंचने के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया। तहसीलदार चितरंगी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित समिति सेवक को मौके का सत्यापन कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही खाद्यान्न वितरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, ग्राम पंचायत खम्हनिया के सरपंच तेजप्रताप सिंह ने भी उचित मूल्य दुकान के विक्रेता पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि ग्रामीणों से राशन के लिए फिंगरप्रिंट सत्यापन कराया गया था, तो तीन महीने का खाद्यान्न आखिर गया कहां? ग्रामीणों की नजर अब प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
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