कन्नौज धूम धाम से मनाया गया मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जन्मदिन • आस पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में निकाला गया जलूस। • जगह जगह ह...
कन्नौज
धूम धाम से मनाया गया मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जन्मदिन
• आस पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में निकाला गया जलूस।
• जगह जगह हुआ जुलूस का फूलों से स्वागत व जल पान।
•डीजे की धुन पर थिरके मुस्लिम युवा
• शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे चप्पे पर पुलिस बल रहा तैनात
कन्नौज।
मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का जन्मदिन बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ निकल गया,बारह रबी-उल-अव्वल, पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश के मुबारक मौके पर पारंपरिक जुलूस पूरी शान-ओ-शौकत के साथ निकाला। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला।
कन्नौज नगर में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ जुलूस निकाले गए। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने "लब्बैक या रसूल अल्लाह" और "नारा-ए-तकबीर अल्लाहु अकबर" "इस्लाम जिंदाबाद" के नारे लगाते हुए अपनी खुशी का इजहार किया। जनपद कन्नौज में ईद मिलाद-उन-नबी का जश्न देखने को मिला।
यह जुलूस विभिन्न आस पास के गांव से आकर कन्नौज होते हुए जामा मस्जिद में समाप्त हुआ।
इस अवसर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे चप्पे पर पुलिस बल व पीएसी बल तैनात रही पूरी जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
बताते चले आज 12 रबीउल अव्वल के दिन मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मक्का में पैदा हुए थे
इसलिए आज के दिन जन्मदिन मनाते हैं। इनका पूरा नामहजरत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम था। इनका जन्म सन् - 21 अप्रैल 570 ईसवी दिन सोमवार(पीर के दिन मक्का में हुआ था
इनके परिवार परिवार में मां,बाप, दादा,दो चाचा थे,लेकिन मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्म से पहले उनके पिता जी का देहांत हो गया था ।
इनके कहना था बेटी और औरत को इज्जत देना चाहिए,एक दूसरे से मिलकर भाईचारा से रहना चाहिए,गरीब और अनाथ की सदैव मदद करना चाहिए ,हमेशा सच बोलना चाहिए,हर किसी के साथ न्याय करना और ईमानदारी करना चाहिए।
बताया जाता है इनको सफेद रंग और खाने में खजूर,लौकी,बकरी का दूध,शहद,कलौंजी अती प्रिय थी।
इनकी मेन विशेषता थी सब के साथ दया करना,सहानुभूति करना और दुश्मन को भी माफ करना ।
मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पिता जी का नाम हज़रत अब्दुला और माता का नाम - बीबी आमना।
यह बहुत ही नेक दिल के थे।
यही वजह है कि मुस्लिम भाई आज के दिन बैंड, बाजे और डीजे के साथ लेकर जुलुश निकाल कर अपनी खुशी का इजहार करते है।
ब्यूरो रिपोर्ट
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