गुरसहायगंज पुलिस द्वारा लूट में कार्रवाई न करना पड़ा महेगा प्रभारी सहित 5 सिपाही चार अज्ञात खिलाफ मुकद्दमा दर्ज •मामला तालग्राम कस्बे के का...
गुरसहायगंज पुलिस द्वारा लूट में कार्रवाई न करना पड़ा महेगा प्रभारी सहित 5 सिपाही चार अज्ञात खिलाफ मुकद्दमा दर्ज
•मामला तालग्राम कस्बे के कायस्थान बजरिया का है।
• कोर्ट के आदेश से तीन महीने बाद एफ.आई.आर दर्ज हुई।
रिपोर्ट अवनीश चंद्र तिवारी उर्फ छोटे
कन्नौज।
गुरसहायगंज कोतवाली में तैनात रहे तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक समेत पुलिसकर्मियों पर लूट के मामले में कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश पर घटना के करीब तीन महीने बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
तालग्राम कस्बे के कायस्थान बजरिया निवासी शेखर पुत्र रामनाथ के मुताबिक, 14 मई 2026 की रात करीब 11:30 बजे वह टेम्पो लेकर गुरसहायगंज जा रहे थे। विशम्भरपुर गांव के पास दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने उन्हें घेरकर टेम्पो रुकवा लिया। आरोप है कि तमंचा लगाकर उनके साथ मारपीट की गई और तमंचे की बट से हमला कर तीन हजार रुपये लूट लिए गए।
शेखर का दावा है कि उन्होंने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को पकड़ लिया और उन्हें गुरसहायगंज कोतवाली ले जाया गया।
पीड़ित का आरोप है कि वह लूट की रिपोर्ट दर्ज कराने कोतवाली पहुंचे, लेकिन तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अजय अवस्थी ने कार्रवाई करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया। समझौते से इनकार करने पर तहरीर बदलने के लिए कहा गया। आरोप है कि इनकार करने पर पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज कर उन्हें कोतवाली से भगा दिया। बाद में पकड़े गए आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर दिया गया।
शेखर ने मामले की शिकायत डाक के माध्यम से तत्कालीन एसपी बिनोद कुमार से भी की, लेकिन कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के आदेश के बाद गुरसहायगंज कोतवाली में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अजय अवस्थी समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में केशरी प्रसाद मिश्र, त्रिवेणी प्रसाद मिश्र, योगेश मिश्र, कुलदीप मिश्र, तत्कालीन चौकी प्रभारी भरत सिंह और चार अज्ञात सिपाहियों के नाम दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। मामले की पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी
No comments