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रोजगार को लेकर त्रिवेणी सैनिक माइनिंग में धरना प्रदर्शन।

भू रैयत झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के बैनर तले त्रिवेणी सैनिक माइनिंग में धरना प्रदर्शन। केरेडारी/हजारीबाग  हजारीबाग जिले के केरे...

भू रैयत झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के बैनर तले त्रिवेणी सैनिक माइनिंग में धरना प्रदर्शन।


केरेडारी/हजारीबाग 



हजारीबाग जिले के केरेडारी एवं बड़कागांव प्रखंड क्षेत्र के पकरी बरवाडीह नॉर्थ वेस्ट कोयला खनन परियोजना में भू रैयत झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के बैनर तले विस्थापित भू रैयत ग्रामीणों द्वारा 12 सूत्री मांग को लेकर दिन शनिवार को सिरमा खनन स्थल के समीप धरना प्रदर्शन करते हुए खनन कार्य को बंद कराया। धरना स्थल पर त्रिवेणी सैनिक माइनिंग प्रोजेक्ट लि के एजीएम दिलीप सिंह धरना स्थल पर पहुंच कर समझौता वार्ता के लिए आंदोलन कर रहें रैयतो से वार्ता किया। और एक घंटे बाद खनन कार्य को पुनः  सुचारू रूप शुरू कर दिया गया। इस धरने में विस्थापित गांव सिरमा, ईतीज, नावाडीह, बसरिया, कंडाबेर, बेलतु, बारियातू एवं अन्य गांवों के रैयत शामिल हुए। वही परियोजना के आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारी अरविन्द देव ने भू रैयतों को आश्वस्त किया कि आगामी पंद्रह दिनों के भीतर एक एनटीपीसी स्थानीय अंचल अधिकारी एमडीओ त्रिवेणी सैनिक माइनिंग के अधिकारी भू रैयतों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित कर समस्याओं का निराकरण कर लिया जाएगा।


 ग्रामीणों ने 12 सूत्री रखा मांग


ग्रामीणों ने जो मांग पत्र जारी किया है, उसमें प्रमुख रूप से प्रत्येक विस्थापित को सरकारी तर्ज पर नौकरी दी जाए, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह हो, विस्थापितों को कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाए। भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत उचित मुआवजा दिया जाए। जमीन का भुगतान किए बिना किसी भी विस्थापित की जमीन पर खनन और मकान ध्वस्त न किया जाए। रैयती दर के अनुसार गैर-मजरूआ जमीन का भुगतान हो। एनटीपीसी के तहत प्रभावित गांवों का पूर्ण पुनर्वास और निर्माण किया जाए। 18 वर्ष से ऊपर के सभी विस्थापितों को विस्थापन लाभ दिया जाए। कंपनी में कार्यरत सभी श्रमिकों का बीमा और स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित की जाए। विस्थापित परिवार से आने वाले मजदूरों को उचित आवास दिया जाए। बच्चों और महिलाओं को स्किल डेवलपमेंट व स्वरोजगार की ट्रेनिंग दी जाए। जब तक नौकरी नहीं मिलती तब तक युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। ग्रामसभा में किया गया 75% स्थानीय लोगों को काम देने का वादा पूरा किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक खनन कार्य नहीं चलने दिया जाएगा। मौके पर अम्बेडकर गंझू,अशोक साव, जेएलकेएम नेता संजय कुमार महतो,सूरज साव,दिलेश्वर गंझू,रितेश गंझू,शिवनंदन साव,अजीत यादव,सरिता देवी,नरेश साव, मुकेश साव,प्रभु साव,शांति देवी, नेहा देवी संगीता देवी, जिरवा देवी, ललिता देवी एवं कैलाश साव समेत धरना स्थल पर सैंकड़ों रैयतों उपस्थित थे।


ब्यूरो रिपोर्ट हजारीबाग

Ashok Banty Raj - 9835533100

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