विनोबा भावे विश्वविद्यालय में किया गया कार्यक्रम का आयोजन। संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक—कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना में हजारीबाग ने स्...
विनोबा भावे विश्वविद्यालय में किया गया कार्यक्रम का आयोजन।
संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक—कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना में हजारीबाग ने स्थापित किए विकास के नए आयाम।
Hazaribagh Jharkhand
कृषि क्षेत्र में परंपरागत खेती से आधुनिक कृषि तकनीक की ओर बड़ा बदलाव, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, खेत तालाब, चेकडैम, बिरसा हरित ग्राम योजना से हजारों किसानों की आय में वृद्धि, *स्वास्थ्य सेवाएं* प्राथमिक स्वास्थ्य से लेकर ICU, डायलिसिस और ट्रॉमा सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएँ,मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी, खनन प्रभावित क्षेत्रों में नई मेडिकल सुविधाएँ, *शिक्षा क्षेत्र* विद्यालयों की बढ़ती संख्या, स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, मेडिकल, टेक्निकल और उच्च शिक्षा के नए अवसर, छात्रवृत्ति, साइकिल योजना व आवासीय विद्यालयों से शिक्षा को नई दिशा,महिला एवं सामाजिक विकास, आंगनबाड़ी केंद्रों का विस्तार,
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा यह विकास किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन की संयुक्त प्रतिबद्धता का परिणाम है।
कार्यक्रम में उपायुक्त ने प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत करते हुए कहा भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, जन-आंदोलन और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक हैं। उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान ने हमें न्याय, समानता और अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की शक्ति दी है। आज उनकी 150वीं जयंती पर हम सभी उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लेते हैं।
उपायुक्त महोदय ने आगे कहा कि जिला प्रशासन जनभागीदारी को आधार बनाकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला सशक्तीकरण, युवा विकास तथा बुनियादी ढांचा सुदृढ़ करने के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे मिलकर एक समृद्ध, स्वावलंबी और विकसित झारखंड के निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम में उपायुक्त हजारीबाग श्री शशि प्रकाश सिंह ने कहा राज्य गठन के 25 वर्ष की इस यात्रा ने न केवल अपने अस्तित्व को संवारा है, बल्कि विकास की अवधारणा के साथ नित्य समग्र प्रगति पथ पर अग्रसर भी हैं। उन्होंने कहा सामाजिक सौहार्द्र और समरस्ता बनाते हुए हजारीबाग ने आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास के कुछ नए आयाम भी स्थापित किए हैं। जिसमें, स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुपालन, खनन तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में यह जिला राज्य के महत्वपूर्ण पायदान पर रहा है।
इस कार्यक्रम में जिले के आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही जिला स्तरीय गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। जिसमें पेंटिंग प्रतियोगिता में भारती कुमारी राजकीय आदर्श मध्य विद्यालय कटकमसांडी, नितिन कुमार उत्क्रमित उच्च विद्यालय बरिया चौपारण, शिया कुमारी संत रॉबर्ट बालिका विद्यालय सदर एवं सृष्टि प्रसन्न टोपनो झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय कटकमदाग, रंगोली प्रतियोगिता में संत रॉबर्ट बालिका मध्य विद्यालय सदर, क्विज प्रतियोगिता में धीरज कुमार उत्क्रमित उच्च विद्यालय सिल्वार सदर एवं अमीषा कुमारी इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय सदर, निबंध प्रतियोगिता में अनुसुलेखा मिंज इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय सदर एवं दीपक कुमार सरस्वती+2 उच्च विद्यालय, सामूहिक नृत्य में इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय सदर एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पदमा, बेहतर बैंड परिचालन हेतु कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पद्मा एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय सदर, साइक्लोथोन में नीरज कुमार UPG +2 केरेडारी एवं सृष्टि साधना कुमारी संत रॉबर्ट बालिका विद्यालय हजारीबाग को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर आयुक्त, उपायुक्त एवं अन्य के द्वारा पुरस्कृत किया गया।





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