प्रयागराज *“करछना तहसील में प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवालों का साया: फरियादियों की लगातार बढ़ती समस्याएँ, सुनवाई में कथित देरी और संवाद ...
प्रयागराज
*“करछना तहसील में प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवालों का साया: फरियादियों की लगातार बढ़ती समस्याएँ, सुनवाई में कथित देरी और संवाद की कमी से जनता में असंतोष—मोबाइल बंद रहने और कॉल रिसीव न होने की शिकायतों के बीच पत्रकारों को कथित तौर पर दी गई ‘जेल भेजने’ की धमकी से माहौल हुआ तनावपूर्ण, पारदर्शिता और जवाबदेही पर उठी बड़ी बहस”*करछना तहसील क्षेत्र में इन दिनों प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर स्थानीय नागरिकों और फरियादियों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि उनकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे उन्हें बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। फरियादियों का कहना है कि कई मामलों में सुनवाई अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही और संवाद की कमी के कारण उनकी परेशानियाँ और बढ़ रही हैं। कुछ लोगों ने यह भी शिकायत की है कि संबंधित अधिकारी से संपर्क करना कठिन हो जाता है, क्योंकि मोबाइल अक्सर बंद रहता है या कॉल रिसीव नहीं होती। इसी बीच, कुछ पत्रकारों और स्थानीय लोगों द्वारा यह भी आरोप लगाया गया है कि सवाल पूछने या जानकारी लेने पर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
स्थानीय जनता का कहना है कि प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर संवाद, पारदर्शिता और त्वरित समाधान की व्यवस्था से ही स्थिति में सुधार संभव है। लोग अपेक्षा कर रहे हैं कि जिम्मेदार अधिकारी इन शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान देंगे और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट
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