मनरेगाकर्मी 9,10 एवं 11 मार्च को सांकेतिक हड़ताल , 12 से करेंगे बेमियादी हड़ताल। सरकार और प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती ह...
मनरेगाकर्मी 9,10 एवं 11 मार्च को सांकेतिक हड़ताल , 12 से करेंगे बेमियादी हड़ताल।
सरकार और प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो 12 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल।
Ranchi Jharkhand
अशोक बंटी राज
Ranchi झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ, जिला इकाई हजारीबाग ने लंबित मांगों और मानदेय भुगतान को लेकर हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। इस संबंध में संघ की ओर से हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह को पत्र देकर आंदोलन की जानकारी दी है। संघ के जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार, जिला सचिव अतीफ कुमार ने इस सबंध में राज्य की मुखिया हेमंत सोरेन के नाम आवेदन हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह को सौंपा है। सौपे गए आवेदन के अनुसार मनरेगा कर्मियों को पिछले छह माह से मानदेय नहीं मिला है। और कई अन्य मांगें भी लंबित हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर संघ के आह्वान पर जिले के सभी प्रखंडों के मनरेगा कर्मी 9 से 11 मार्च 2026 तक सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। साथ ही संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि इस दौरान सरकार और प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो 12 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस हड़ताल में जिले के सभी प्रखंडों के मनरेगा कर्मी शामिल होंगे। हड़ताल में बीपीओ, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, लेखा सहायक, कंप्यूटर सहायक और रोजगार सेवक सहित मनरेगा से जुड़े विभिन्न कर्मी भाग लेंगे। संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है, ताकि विकास योजनाओं के संचालन पर प्रतिकूल असर न पड़े।
वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक एवं अस्वीकार्य है-
1. राज्य के अनेक जिलों में मनरेगा कर्मियों का 6 माह से अधिक समय से मानदेय बकाया है, जिससे उनके समक्ष भरण-पोषण का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
2. बिना अतिरिक्त संसाधन एवं पारिश्रमिक के लगातार कृत्रिम एवं असंगत कार्यबोझ थोपा जा रहा है।
3. सामाजिक सुरक्षा के अभाव में फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मियों को प्रतिकूल एवं असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य करना पड़ रहा है। इसके वजह से अब तक झारखण्ड में करीब 112 मनरेगा कर्मियों की मृत्यु हो गई और उनके आश्रितों को कोई लाभ नहीं मिला।
4. सेवा स्थायित्व एवं राज्य मनरेगा कोषांग में कार्यरत पदाधिकारियों में समरूप वेतन संरचना संबंधी न्यायोचित मांगों की अनदेखी की जा रही है। मनरेगा योजना के सफल क्रियान्वयन में जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों की भूमिका केंद्रीय एवं अपरिहार्य है। इसके बावजूद उनके साथ निरंतर उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जाना अत्यंत खेदजनक है। इन परिस्थितियों में संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट हजारीबाग
9835533100



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