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बुंडू में कोल कंपनी का विरोध, ग्रामीण बोले- नहीं देंगे अपनी जमीन

बुंडू में कोल कंपनी का विरोध, ग्रामीण बोले- नहीं देंगे अपनी जमीन केरेडारी हजारीबाग  केरेडारी प्रखंड कार्यालय से 40 किलोमीटर दूरी केरेडारी प्...

बुंडू में कोल कंपनी का विरोध, ग्रामीण बोले- नहीं देंगे अपनी जमीन


केरेडारी हजारीबाग 



केरेडारी प्रखंड कार्यालय से 40 किलोमीटर दूरी केरेडारी प्रखंड और हजारीबाग जिला की अंतिम छोर पर अब टिक गई कॉल कंपनियों की नजर। जी हां हम बात कर रहे हैं केरेडारी प्रखंड के बुंडू पंचायत की बुंडू मुखिया तुलसी तुरी को जंगल कटिंग एवं वृक्षों की गिनती को लेकर कॉल कंपनियों की एक चिट्ठी मिलता है। जब मुखिया पढ़ कर गांव के ग्रामीणों को बताया तो ग्रामीण एक जुट हो गए और आरएमएस माइनिंग एंड बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध में ग्रामीणों ने तत्काल 18 नवंबर मंगलवार को पंचायत के राजा गोसाई धर्म स्थान बरगद पेड़ के नीचे बुद्धि जीवों ने बैठक कर निर्णय लिया कि आरएमएस एंड बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड को वृक्षों की गणना नहीं करने देंगे। तथा ग्रामीणों द्वारा बैठक में निर्णय हुआ कि उपजाऊ बहुफसली जमीन हैं। इस जमीन को कोयला खनन करने के लिए अपनी एक इंच भी जमीन कंपनी को नहीं देंगे। और हम सब के बीच कोई दलाल पैदा होता हैं। और पकड़े जाते है उसे हम सब ग्रामीण मिल कर सामाजिक दण्ड  देंगे। जिस तरह बड़कागांव के गोंदलपुरा, बादाम के ग्रामीण एक इंच जमीन नहीं दिए उसी तहत हमलोग का भी आन्दोलन जारी रहेगा। कोई भी कंपनी के अधिकारी आते है उसे खाली हाथ आपस भेजने का काम करेंगे। वही मुखिया तुलसी तुरी ने कहा कि  कोल कंपनियों की गलत विस्थापन नीति, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार मुआवजा का भुगतान नहीं करने और नौकरी व रोजगार देने में पारदर्शिता नहीं बताने के कारण ग्रामीण आंदोलन की राह पर खड़े हो गए हैं।


बड़कागांव गोंदलपुरा में 952 दिनों से चल रहा है आंदोलन, अब केरेडारी बुंडू क्षेत्र के ग्रामीण आन्दोलन के राह पर।


बड़कागांव प्रखंड के गोंदलपुरा बादम के ग्रामीणों ने कोयला खनन कंपनी के विरोध में पिछले 952 दिनों से  आंदोलन कर रहे हैं। अभी तक एक इंच जमीन कंपनी को नहीं दिए हैं। और लगता है कि न देंगे। उसी राह पर अब केरेडारी के बुंडू कोल परियोजना के रैयतों व प्रभावितों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया है। बुंडू कोल माइंस परियोजना क्षेत्र में आने वाले बुंडू कोले और लोहरसा के रैयत किसी भी सूरत में वृक्षों की गणना नहीं करने देंगे साथ ही क्षेत्र में किसी भी प्राइवेट कोल कंपनियों को क्षेत्र में घुसने नहीं देंगे। पंचायत वासियों की अगली बैठक शनिवार को वृहद रूप से होगी। जिसमें आरएमएस माइनिंग एंड बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड को क्षेत्र से खदेड़ने की योजना बनाई जाएगी। ज्ञात हो कि इसके पूर्व भी कम्पनी द्वारा डीजीपीएस ड्रोन सर्वेक्षण के लिए ग्लोबल सर्वेयर्स हाउस रानी गंज, पश्चिम बंगाल की एक पत्र मुखिया को प्राप्त हुआ था उस समय भी बैठक कर पुरजोर विरोध किया गया जिससे ड्रोन सर्वेक्षण नही हो पाया था। ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि अगर कोई भी कम्पनी का दलाली करने का प्रयास किया तो उसे सामाजिक दण्ड मिलेगा।


ब्यूरो रिपोर्ट हजारीबाग 

Ashok Banty Raj - 9835533100

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