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ऋत्विक कंपनी ने एक जाबांज प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर रिजवान शरीफ को खो दिया।

आंदोलन की चिंगारी से आहत MDO ऋत्विक कंपनी ने एक जाबांज प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर रिजवान शरीफ को खो दिया। Keredari/Hazaribagh  केरेडारी। प्रखंड क्...

आंदोलन की चिंगारी से आहत MDO ऋत्विक कंपनी ने एक जाबांज प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर रिजवान शरीफ को खो दिया।


Keredari/Hazaribagh 


केरेडारी। प्रखंड क्षेत्र के चट्टी बरियातू एनटीपीसी कोल खनन क्षेत्र में रैयत एवं मंत्री योगेन्द्र साव के तत्वाधान में भूमि, मकान, फ्रायकली फैक्ट्री की जमींदोज के मामले में अपनी मांगों को लेकर एक पखवारा तक आंदोलन ने कई लाभ और हानि को रेखांकित किया। इसमें एनटीपीसी प्रबंधन और एमडीओ कंपनी प्रबंधन के पसीने तड़कने लगे, इस मामले को पटाक्षेप करने के लिए जिला पुलिस प्रशासन की टास्क फोर्स, स्थानीय पुलिस प्रशासन को एडी चोटी लगानी पड़ी, अन्ततः यह मामला बंद कमरे से गुजरते हुए समझौता हो जाने से कई प्रश्न छोड़ गए, और आंदोलन में रैयतों की जान माल की सुरक्षा और बगैर विस्थापन और पुनर्वास का स्पष्टीकरण के वैसी ही हाल में छोड़ दिया गया। जो दशा रैयतों की कल थी वो आज भी रह गई। अब यह देखना है कि एमडीओ कंपनी ऋत्विक की समस्या हल हो गया या अभी भी परेशानियों की गठरी खुलना बचा हुआ है। ऐसे दो स्तर पर देखा जाए तो कई लाभ और हानि की मूल्यांकन क्षेत्र के लोग कर रहे है। इस मामले को लेकर बाजार में चर्चा गर्म है की आखिर यहां के लोग जमीन जगह देने के बाद भी दो वक्त की रोटी जुगाड के लिए आंदोलन और जेल की हवा खानी पड़ती है। केंद्र सरकार की नीतियां,और राज्य सरकार की नीतियां में इतना विसंगति है। आंदोलन की पुकार पर सरकारी मुलाजिमों की कान खड़े तो करती है, लेकिन फिर ठंडे बस्ते में रैयतों की अधिकारों को बंद करा दिया जाता है।  सरकार चिंता जाहिर करती है न ही इस पर केंद्र सरकार कभी सूद लेती है। रैयतों की आवाज बनने की ढकोसला पन से क्षेत्र में निराशा छा जाता है। एक पखवारे से चट्टी बरियातू एनटीपीसी कोल खनन क्षेत्र में चली आंदोलन की चिंगारी ने एमडीओ कंपनी ऋत्विक के एक जाबांज प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर रिजवान शरीफ का हृदयाघात से मौत हो गई। यह घटना बीते मंगलवार सुबह 8:30 बजे की है। बताया गया की हमेशा की तरह माइंस से ड्यूटी के बाद माइंस के गेस्ट हाउस में विश्राम के लिए पहुंचे। रात्रि में तबियत बिगड़ने लगी। उन्होंने सुबह में सहयोगियों को फोन किया, संतोष नामक सहयोगी ने आनन फानन में हजारीबाग आरोग्यम अस्पताल लेकर भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इनकी मौत से माइंस के कर्मियों में शोक उमड़ आया।इनकी मौत से माइंस की उन्नति के लिए बड़ी क्षति है। एमडीओ कंपनी ऋत्विक ने एक ऑफिसर को खो दियाबबताया जाता है कि रिजवान शरीफ एक मृदुल स्वभाव के व्यक्ति थे। इसकी कार्य कुशलता ने चार वर्ष से माइंस को अनेकों कीर्तमान तक पहुंचाया गया।

ब्यूरो रिपोर्ट हजारीबाग 

Ashok Banty Raj - 9835533100

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