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लाल एक आध्यात्मिक स्वतंत्रता सेनानी थे: प्रो मनीष कुमार सिन्हा

लाल एक आध्यात्मिक स्वतंत्रता सेनानी थे: प्रो मनीष कुमार सिन्हा स्वतंत्रता संग्रामी जगत नारायण लाल पर इतिहास विभाग में व्याख्यान आयोजित हजारी...

लाल एक आध्यात्मिक स्वतंत्रता सेनानी थे: प्रो मनीष कुमार सिन्हा


स्वतंत्रता संग्रामी जगत नारायण लाल पर इतिहास विभाग में व्याख्यान आयोजित


हजारीबाग झारखंड 


विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के राधाकृष्णन सभागार में  शुक्रवार को “जगत नारायण लाल एक अध्यात्मिक स्वतंत्रता सेनानी (हजारीबाग केन्द्रित कारावास में गुजारे 5 वर्ष)” विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ हितेंद्र अनुपम ने की।

मगध विश्वविद्यालय बोधगया के प्रो मनीष कुमार सिन्हा ने बतौर मुख्य वक्त विषय के सूक्ष्म एवं सभी पहलुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की, उन्होंने बताया कि जगत नारायण लाल 1915 में पटना में बेरिस्टर के रूप में अपने व्यवसाय जीवन की शुरुआत की असहयोग आन्दोलन से लेकर भारत छोड़ो आंदोलनों तक गांधीजी के सभी आंदोलनों में उनकी सक्रीय भूमिका रही। कांग्रेस के साथ- साथ हिन्दू महासभा के विकास में भी उनका बराबर का योगदान रहा, जब 1932 में वे हजारीबाग केन्द्रीय कारा में दूसरी बार आये उस समय उनपर महावीर सेडीशन केश हुआ था। उस वक्त मोतीलाल, तेज बहादुर सप्रू जैसे दिग्गज वकील ने उनका केस लड़ा था| हजारीबाग जेल में ही उन्होंने डॉ मुन्जे जो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्थापक डॉ हेडगेवार के गुरु भी थे, उनको लिखा कि यदि उस विचारधारा और गांधीजी के राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच में चुनाव करना पड़े तो वे गांधीजी के राष्ट्रीय कार्यक्रमों का ही समर्थन करेंगे,
1937 में उन्होंने बिहार के विधानसभा चुनाव जीता। 1942 से 1945 तक उनको पुनः हजारीबाग कारावास में रखा गया। कारावास के उन क्षणों में उन्होंने एक आध्यात्मिक व्यक्तित्व के रूप में भी अपना विकास कर लिया। उनके आध्यात्मिक जीवन का प्रभाव उनके राजनैतिक जीवन में भी देखा जा सकता है। जब भारत के संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा का गठन हुआ तो भारतीय संविधान निर्माण में भी उनकी सक्रीय भूमिका रही संसदीय गणतंत्र जैसे विषयों पर उनकी बातों को स्वीकार कर लिया गया। इस सेमिनार में स्नात्तकोत्तर इतिहास विभाग के डॉ विकास कुमार, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद के डॉ कौशल कुमार,  के बी महिला महाविद्यालय, हजारीबाग से डॉ किरण द्विवेदी तथा  अरविंद महिला कॉलेज, पटना के डॉ योगेंद्र कुमार विशेष रूप से शामिल थे। इतिहास विभाग के सभी शोधार्थी भैरव यादव, सनी कुमार मेहता, सुमित कुमार, अमरेन्द्र कुमार आजाद, कुमारी गंगेश्वरी सिंह, मीनाक्षी कुमारी, आकाशदीप महतो, जय कुमार, पीएच.डी कोर्स वर्क 2024 के विद्यार्थी फरहीन खानम, रितेश तिवारी, नाजिया कौसर, माधुरी कुमारी इत्यादि मौजूद थे। मौके पर स्नातकोत्तर द्वितीय एवं चतुर्थ समसत्र के विद्यार्थी उपस्थित थे।

ब्यूरो रिपोर्ट हजारीबाग झारखंड 

Ashok Banty Raj - 98355 33100

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