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केरेडारी की जनता ने जमीन बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान।

केरेडारी की जनता ने जमीन बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान। NTPC  की चट्टीबारियातु दक्षिणी कोल परियोजना के खिलाफ केरेडारी में उमड़ा ...

केरेडारी की जनता ने जमीन बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान।


NTPC  की चट्टीबारियातु दक्षिणी कोल परियोजना के खिलाफ केरेडारी में उमड़ा जनसैलाब।


केरेडारी हजारीबाग 

अशोक बंटी राज


केरेडारी। एनटीपीसी की चट्टीबारियातु  दक्षिणी क्षेत्र के कोल परियोजना के विस्तार को लेकर भारत सरकार कोयला मंत्रालय द्वारा जारी नए अधिसूचना से केरेडारी क्षेत् की जनता के बीच भारी उबाल है। इसी को लेकर रविवार को केरेडारी प्रखंड मुख्यालय परिसर में आयोजित महाजुटान कार्यक्रम में दर्जनों गांवों से सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष भू रैयत जुटे और परियोजना के विस्तार का खुलकर विरोध किया। सभा में रैयतों ने साफ शब्दों में एक सूत्री मांग किया कि “जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे। केरेडारी, ओमें, खपिया, कराली, पगार, जोरदाग, भदईखाप, पेटो, बुकरू, सलगा समेत आसपास के गांवों से पहुंचे रैयतों ने कहा कि उनकी जमीन उनके लिए महज जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि रोजगार, आजीविका, पहचान और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है। वर्षों से खेती-बारी पर निर्भर परिवारों के सामने जमीन जाने की स्थिति में विस्थापन और रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने की आशंका है। पुश्तैनी जमीन किसी कीमत पर नहीं देंगे महाजुटान में वक्ताओं ने कहा कि जिस जमीन पर उनके पूर्वजों ने जीवन बिताया और परिवारों का पालन-पोषण होता आया है, उसे छोड़ना रैयतों के लिए आसान नहीं है। ग्रामीणों ने परियोजना के विस्तार के लिए जारी नोटिफिकेशन पर पुनर्विचार करने और इसे रद्द करने की मांग उठाई।एक बुजुर्ग रैयत ने भावुक होकर कहा कि“यह जमीन हमारे लिए मां के समान है, इसे हम नहीं छोड़ सकते। इस बात पर सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार समर्थन किया। इसके बाद रैयतों ने एक स्वर में जमीन नहीं देंगे, परियोजना रद्द करो के नारे लगाए।

महाजुटान में दिखी व्यापक एकजुटता कार्यक्रम में अलग-अलग राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग भी रैयतों के साथ खड़े दिखाई दिए। वक्ताओं ने कहा कि जमीन और ग्रामीणों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर संघर्ष को संगठित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। रैयतों ने संकेत दिया कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता रामेश्वर साव ने की, जबकि संचालन पूर्व विधायक प्रतिनिधि सुरेश साव ने किया। इसके साथ हीं निर्णय लिया गया कि 8 सितंबर को जिला मुख्यालय में कोल ब्लॉक रद्द करने को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा!14 सितंबर को रांची में राज्य सरकार राज्य के मुख्य सचिव कृषि सचिव समेत अन्य को ज्ञापन सौंपा जाएगा! वहीं आगामी 24 सितंबर को केरेडारी में कोल ब्लॉक रद्द करने को लेकर व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा! कार्यक्रम को जे एल के एम नेता बालेश्वर कुमार कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता प्रखंड प्रमुख सुनीता देवी अनिरुद दांगी लियाकत अंसारी वरिष्ठ पत्रकार उमेश राणा समेत अन्य वक्ताओं ने सम्बोधित किया और एक सूत्री मांग करते हुए केरेडारी साउथ क्षेत्र कोल ब्लॉक रद्द करने की मांग किया। मौके पर प्रखंड प्रमुख सुनीता देवी देवी, उप प्रमुख अमेरिका महतो जेएलकेएम के बड़कागांव विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बालेश्वर कुमार, वरिष्ठ पत्रकार उमेश राणा, कर्णपुरा बचाव संघर्ष समिति के अनिरुद्ध दांगी, पूर्व उप प्रमुख रामस्वरूप ओझा, आजसू पार्टी केरेडारी प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहा, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता, पेटो पंचायत की पूर्व मुखिया रेशमा प्रवीण, उत्तरी क्षेत्र जिला परिषद प्रतिनिधि निरंजन साव, पेटो पंचायत मुखिया प्रतिनिधि गुरुदयाल साव, पचड़ा पंचायत मुखिया महेश प्रसाद साव, कराली मुखिया अशोक राम, महेंद्र रजक, सलगा पंचायत मुखिया प्रतिनिधि जगनारायण राम, पूर्व मुखिया तापेश्वर साव,सुंदर गुप्ता, बिनोद नायक,रफीक अंसारी, लियाकत अंसारी, दिलदार अंसारी, पंकज साहा, सीताराम प्रसाद कुशवाहा, कंचन यादव, अमित गुप्ता, लियाकत अंसारी,अर्जुन राम और केरेडारी के पूर्व मुखिया  तापेश्वर साव रमेश साव आशेश्वर यादव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।अब प्रशासन और एनटीपीसी  के रुख पर निगाहें

महाजुटान में रैयतों की एकजुटता ने यह स्पष्ट कर दिया कि चट्टीबारियातु दक्षिणी कोल परियोजना के विस्तार का मुद्दा अब गांवों में बड़ा सवाल बन चुका है। रैयतों ने अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।

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