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नो वर्क नो पे को लेकर CB व KD परियोजना का उत्खनन और ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद।

नो वर्क नो पे को लेकर CB व KD परियोजना का उत्खनन और ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद। केरेडारी/हजारीबाग Ashok Banty Raj हजारीबाग जिले के केरेडारी ...

नो वर्क नो पे को लेकर CB व KD परियोजना का उत्खनन और ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद।



केरेडारी/हजारीबाग
Ashok Banty Raj

हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड क्षेत्र में वर्तमान में दो कोल माइनिंग प्रोजेक्ट चल रही है। लगभग 40 दिनों की लंबे समय से आंदोलन के कारण एनटीपीसी के चट्टीबारियातु व केरेडारी कोयला खनन परियोजना बंद थी। लेकिन गत सात फरवरी को पुलिस-प्रशासन की सक्रियता के कारण सीबी माइंस व केडी माइंस को सफल वार्ता कर दोनों माइंस को शुरू कराया गया था।  लेकिन मात्र एक दिन में फिर से  08 फरवरी लगभग 12 बजे रात्रि को दोनों माइंस में उत्खनन व ट्रांसपोर्टिंग कार्य को ठप करा दिया गया है। सीबी माइंस के करीब कर्बला मैदान के पास पूर्व मंत्री योगेंद्र साव विगत 31 दिसंबर 2025 से अपने 18 सूत्री मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एक दिन धरने पर नहीं रहने पर कम्पनी इसका लाभ उठा कर बगैर वार्ता के माइंस चालू करा दिया था। पुनः वे आठ फरवरी को धरना स्थल पर पहुंच कर सीएचपी को बंद करा दिया।  वहीं ऋत्विक कम्पनी के हाईवा चालकों ने माइंस बंद अवधि के वेतन व सुरक्षा की मांग को लेकर माइंस में उत्खनन व डंप यार्ड तक ट्रांसपोर्टिंग कार्य को हीं ठप करा दिया है। यहां ऋत्विक प्रबंधन का कहना है कि कम्पनी के वर्कर्स जो लोकल हैं पूर्व मंत्री के साथ उनके घर की महिलाएं आंदोलन करने पहुंच रही है और सुरक्षा की बात करें तो सीआईएसएफ जवानों को माइंस क्षेत्र में रखने की व्यवस्था की जा रही है।

*केडी माइंस में आंदोलन कर रहे मजदूर को कंपनी बोली-जब नो वर्क नो पे घोषित था तब वेतन कैसे दे सकते हैं*

इधर, मजदूर यूनियन ने केडी माइंस को भी फिर से इसलिए बंद कराया है कि उनका कहना है कि वार्ता के दौरान मजदूर का वेतन रोज 541 रुपया है उसे हीं अप्रैल माह से 55 रुपया बढ़ोतरी करने की बात तो की गई थी वहीं हड़ताल अवधि का वेतन देने पर वार्ता नहीं हुई थी। इसलिए कंपनी के हड़ताल अवधि का वेतन नहीं देने के निर्णय को लेकर फिर से हम मजदूर हड़ताल पर चले गए हैं। मजदूरों के यूनियन लीडर का कहना है कि कम्पनी के निर्णय से 55 रुपए की बढ़ोतरी में लगभग 900 मजदूर इस लाभ से वंचित रह जाएंगे तथा कुल 18 दिन के हड़ताल में कमसे कम 9 दिन का वेतन कम्पनी को देना चाहिए। अब कम्पनी का कहना है जब हाजिरी नहीं बनाई कार्य नहीं किया, नो वर्क नो पे घोषित था तब हड़ताल अवधि का वेतन कैसे दे सकते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट हजारीबाग
9835533100

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