विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेंगे : विधायक रोशन लाल चौधरी चंद्रगुप्त कोल परियोजना में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की...
विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेंगे : विधायक रोशन लाल चौधरी
चंद्रगुप्त कोल परियोजना में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग, अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर विधायक ने दिया समर्थन
केरेडारी/ अशोक बंटी राज
केरेडारी (हजारीबाग)। केरेडारी प्रखंड अंतर्गत चंद्रगुप्त कोल परियोजना क्षेत्र के सी-ब्लॉक स्थित पगार ओपी क्षेत्र में विस्थापित प्रभावित युवा मोर्चा, चंद्रगुप्त क्षेत्र के तत्वावधान में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर जारी अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन में बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी शामिल हुए। उन्होंने आंदोलनरत विस्थापित परिवारों एवं बेरोजगार युवाओं की मांगों का समर्थन करते हुए भरोसा दिलाया कि उनके अधिकारों और रोजगार की लड़ाई को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाया जाएगा। धरना स्थल पर विधायक ने विस्थापित परिवारों एवं बेरोजगार युवाओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं, पीड़ाओं और रोजगार से जुड़ी शिकायतों की जानकारी ली। आंदोलनकारियों ने विधायक को सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया कि चंद्रगुप्त कोल परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी सुश्री इंफ्रा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थानीय विस्थापित एवं बेरोजगार युवाओं की अनदेखी कर बाहरी लोगों को तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदों पर नियुक्त किया जा रहा है। आवेदन में यह भी शिकायत की गई कि कंपनी के ट्रेनर द्वारा लगभग छह माह पूर्व फिट घोषित किए गए स्थानीय ड्राइवरों एवं ऑपरेटरों को अब तक रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे स्थानीय युवाओं में नाराजगी है। इस मौके पर विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि जिन परिवारों ने विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन, आजीविका और पारंपरिक संसाधनों का त्याग किया है, उनके आश्रित युवाओं को ही रोजगार से वंचित रखना गंभीर चिंता का विषय है। विकास की अवधारणा तभी सार्थक होगी, जब उसका लाभ विस्थापित परिवारों तक भी पहुंचेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनकी योग्यता, प्रशिक्षण और पात्रता का सम्मान होना चाहिए तथा नियोजन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं न्यायसंगत होनी चाहिए।
विस्थापितों की प्रमुख मांगें
आंदोलनरत युवाओं की प्रमुख मांगों में स्थानीय विस्थापित एवं योग्य बेरोजगार युवाओं को तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देना, छह माह पूर्व फिट घोषित स्थानीय ड्राइवरों एवं ऑपरेटरों को शीघ्र नियोजित करना तथा बाहरी व्यक्तियों की नियुक्ति से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराना शामिल है। इसके अलावा आंदोलनकारियों ने संबंधित कंपनी एवं प्रशासन से पांच दिनों के भीतर समस्या का समाधान करते हुए स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही नियोजन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और विस्थापित परिवारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
शीतकालीन सत्र में विधानसभा में उठेगा मामला
विधायक रोशन लाल चौधरी ने आंदोलनरत युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि आगामी झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में चंद्रगुप्त कोल परियोजना के विस्थापित परिवारों एवं स्थानीय बेरोजगार युवाओं की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया जाएगा। सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनके रोजगार के अधिकार और न्यायोचित मांगों के समाधान की दिशा में पहल की जाएगी। उन्होंने संबंधित प्रशासन एवं परियोजना प्रबंधन से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने तथा स्थानीय पात्र युवाओं को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की।विधायक ने कहा, "मैं आंदोलनरत युवाओं एवं विस्थापित परिवारों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि उनके अधिकारों, रोजगार और सम्मान से जुड़ी इस लड़ाई को केवल धरना-प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा।
उनकी आवाज सड़क से लेकर सदन तक बुलंद की जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा कि हमारा संकल्प स्पष्ट है—विस्थापितों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होने देंगे और स्थानीय युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर मौन नहीं रहेंगे। जिन परिवारों ने विकास के लिए अपनी जमीन और आजीविका दी है, उनके बच्चों को रोजगार के अवसर मिलना न्यायसंगत है। विस्थापितों को न्याय, स्थानीय युवाओं को रोजगार और उनके अधिकारों को सम्मान दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।



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