सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर हजारीबाग में पोस्टमार्टम व्यवस्था बहाल, 9 चिकित्सकों का रोस्टर जारी हजारीबाग/अशोक बंटी राज कौन कहता है आसमान म...
सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर हजारीबाग में पोस्टमार्टम व्यवस्था बहाल, 9 चिकित्सकों का रोस्टर जारी
हजारीबाग/अशोक बंटी राज
कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं होते, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो...जनहित में शिद्दत से की गई पहल का असर हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम व्यवस्था को लेकर देखने को मिला है। अस्पताल में एकमात्र फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट चिकित्सक के इस्तीफे के बाद आरटीए और मेडिको लीगल मामलों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची भेजे जाने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इस तुगलकी फरमान की जानकारी जब एक मृतक के परिजनों ने सांसद मनीष जायसवाल को दी तो उनके निर्देश पर सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने जिले के सिविल सर्जन और अस्पताल प्रबंधन को पीड़ित परिजनों के दर्द से रूबरू कराया। अब सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के प्रयासों के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पोस्टमार्टम कार्य के लिए 9 चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर जारी किया है।
सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अधिकारियों को बताया कि हजारीबाग से रांची की दूरी करीब 100 किलोमीटर एक तरफ है। ऐसे में शवों को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजे जाने से मृतकों के परिजनों को आने-जाने में करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ सकती है। इससे समय की बर्बादी के साथ परिवहन और अन्य खर्चों का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि जब तक फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक अनुभवी चिकित्सकों के माध्यम से हजारीबाग में ही पोस्टमार्टम की सुविधा जारी रखी जाए। उनके इस पहल को स्थानीय मीडिया के प्रतिनिधियों ने भी प्रमुखता से उठाया। सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों ने भी इस जनहित के मुद्दे का समर्थन किया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को पोस्टमार्टम ड्यूटी रोस्टर जारी किया गया, जिसमें अलग-अलग दिनों के लिए चिकित्सकों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।
अस्पताल प्रबंधन के जारी रोस्टर के अनुसार सोमवार को डॉ. अमरेंद्र कुमार सिन्हा, मंगलवार को डॉ. मनोज कुमार भगत, बुधवार को डॉ. रवींद्र कुमार वर्मा एवं डॉ. सुप्रभात किरण, गुरुवार को डॉ. अजय कुमार, शुक्रवार को डॉ. विक्रम तथा शनिवार को डॉ. अंगराज सुभाष चंद्र की ड्यूटी निर्धारित की गई है।
वहीं पहले, तीसरे और पांचवें रविवार को डॉ. मेघा सिंह तथा दूसरे और चौथे रविवार को डॉ. संजीव कुमार हेम्ब्रम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अस्पताल अधीक्षक ने संबंधित चिकित्सकों को रोस्टर के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
पोस्टमार्टम के लिए रोस्टर जारी होने के बाद सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से हजारीबाग में स्थायी फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट चिकित्सक की जल्द नियुक्ति करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग प्रमंडलीय मुख्यालय है और यहां आसपास के कई जिलों से भी शव पोस्टमार्टम के लिए लाए जाते हैं। ऐसे में मेडिको लीगल मामलों के पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि रोस्टर जारी होना तत्काल राहत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन स्थायी विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति से ही व्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। जनहित से जुड़े इस मामले में सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर की गई पहल का उद्देश्य मृतकों के परिजनों को अनावश्यक परेशानी और आर्थिक बोझ से बचाना है।
रंजन चौधरी ने कहा कि जनहित में ईमानदारी और शिद्दत से उठाई गई आवाज का असर जरूर होता है। शिद्दत से जनहित में किया गया संघर्ष सफल जरूर होता है। उन्होंने कहा कि आगे भी जनजरूरतों के मामलों में सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनका ऐसा प्रयास अनवरत जारी रहेगा ।



No comments