HZB आरोग्यम में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन। हजारीबाग /झारखंड अंतरराष्ट्रीय ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स डे के अवसर पर एचजेडबी आरोग्यम...
HZB आरोग्यम में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन।
हजारीबाग /झारखंड
अंतरराष्ट्रीय ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स डे के अवसर पर एचजेडबी आरोग्यम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को सड़क दुर्घटनाओं के दौरान होने वाली गंभीर चोटों, विशेषकर चेहरे और जबड़े से संबंधित जटिलताओं, तथा समय पर उचित उपचार की आवश्यकता के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर चिकित्सकों ने आधुनिक सर्जरी तकनीकों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अस्पताल के कंसल्टेंट क्रेनियोमैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. अमित कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे चिकित्सा विज्ञान में गोल्डन आवर कहा जाता है, मरीज की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना के दौरान सिर, चेहरे और जबड़े पर गंभीर चोट लगने से अत्यधिक रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई और स्थायी विकृति जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यदि इस दौरान प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा तत्काल उपचार मिल जाए तो न केवल मरीज की जान बचाई जा सकती है, बल्कि भविष्य में होने वाली जटिलताओं और विकृतियों से भी बचाव संभव है। डॉ. अमित कुमार ने लोगों से अपील की कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें और हेलमेट तथा सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने कहा कि अधिकांश मामलों में लापरवाही के कारण चोटें गंभीर रूप ले लेती हैं। दुर्घटना की स्थिति में भीड़ इकट्ठा करने के बजाय घायल व्यक्ति को शीघ्र निकटतम सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि विशेषज्ञ उपचार समय रहते मिल सके। उन्होंने बताया कि एचजेडबी आरोग्यम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में अब चेहरे और जबड़े की जटिल सर्जरी की उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े जबड़े की हड्डी का फ्रैक्चर, चेहरे की विभिन्न हड्डियों के फ्रैक्चर, नाक और आंख की हड्डियों की सर्जरी, अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में आपात उपचार, डेंटल एवं फेसियल इम्प्लांट सर्जरी, कटे होंठ एवं तालू की सर्जरी तथा मुख कैंसर का इलाज 24 घंटे विशेषज्ञ टीम की देखरेख में किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जन्मजात कटे होंठ और तालू की सर्जरी तीन महीने के शिशुओं में भी सुरक्षित रूप से संभव है और समय पर उपचार से बच्चे का सामान्य विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। इस अवसर पर अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि एचजेडबी आरोग्यम का लक्ष्य हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को महानगरों के समान उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के कारण अब मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोग समय पर सही निर्णय लेकर अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगे। अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि मरीजों की सुविधा और त्वरित उपचार को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को विशेष लाभ मिल रहा है। अस्पताल में मरीजों के मार्गदर्शन के लिए समर्पित हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने, दुर्घटना की स्थिति में त्वरित चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। अस्पताल प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि इस पहल से क्षेत्र में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और गंभीर दुर्घटनाओं के मामलों में समय पर उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।ब्यूरो रिपोर्ट हजारीबाग
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