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अंबा प्रसाद के अडिग रुख के आगे झुका प्रशासन, जनसुनवाई रद्द

अंबा प्रसाद के अडिग रुख के आगे झुका प्रशासन, जनसुनवाई रद्द रोशन लाल चौधरी और उनके नेता अडानी के पक्ष में, ग्रामीणों का संघर्ष खत्म होने के ब...

अंबा प्रसाद के अडिग रुख के आगे झुका प्रशासन, जनसुनवाई रद्द



रोशन लाल चौधरी और उनके नेता अडानी के पक्ष में, ग्रामीणों का संघर्ष खत्म होने के बाद 'बेचारे' बनकर क्रेडिट लूटने पहुँचे रोशन लाल-अंबा



अडानी के छल और गुंडागर्दी पर भारी पड़ी गोंदलपुरा के जनता की एकजुटता-अंबा प्रसाद


बड़कागांव हजारीबाग 


हजारीबाग (बड़कागांव): बड़कागांव के गोंदलपुरा में मंगलवार को लोकतंत्र की जीत हुई और कॉर्पोरेट ताकतों को पीछे हटना पड़ा। पूर्व विधायक और कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने इस जीत को बड़कागांव के रैयतों के स्वाभिमान की जीत बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अडानी कंपनी ने भाड़े के लोगों और गुंडों के दम पर जनसुनवाई को हाईजैक करने की कोशिश की थी, जिसे जनता ने खुद एकजुट होकर नाकाम कर दिया।


"जब तक जनसुनवाई रद्द की चिट्ठी नहीं, तब तक अंबा यहाँ से हटेगी नहीं"


जनसुनवाई स्थल पर रैयतों के स्वतः स्फूर्त विरोध को समर्थन देने पहुँचीं अंबा प्रसाद ने मोर्चा संभालते हुए प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने ग्रामीणों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि "सिर्फ विरोध दर्ज करना काफी नहीं है, हमें ठोस परिणाम चाहिए।" अंबा प्रसाद विरोध स्थल पर ही डट गईं और तमाम आला अधिकारियों से संपर्क कर स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी— "जब तक इस जनसुनवाई को रद्द करने की आधिकारिक चिट्ठी जारी नहीं होगी, मैं और मेरे लोग यहाँ से नहीं हटेंगे।" अंबा प्रसाद के इस अडिग रुख और जनता के भारी दबाव के कारण प्रशासन को अंततः घुटने टेकने पड़े और कुछ ही घंटों के भीतर जनसुनवाई रद्द करने का लिखित आदेश जारी किया गया।



अडानी की गोद में बैठी है BJP, अंबा प्रसाद का तीखा प्रहार


अंबा प्रसाद ने भाजपा के दोहरे चरित्र और उनके नेताओं की मिलीभगत पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने उजागर किया कि कैसे भाजपा के तमाम बड़े नेता एक सुर में अडानी का बचाव कर रहे हैं।अंबा प्रसाद ने कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि— "आज भाजपा का असली चेहरा बेनकाब हो गया है। एक तरफ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और बाबूलाल मरांडी बड़कागांव के रैयतों के खिलाफ और अडानी के पक्ष में सोशल मीडिया पर बयानबाजी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय विधायक रोशन लाल चौधरी भी उन्हीं के सुर में सुर मिलाते हुए अडानी के पक्षधर बने हुए हैं। इससे साफ है कि पूरी भाजपा अडानी की गोद में बैठी है।" अंबा प्रसाद ने तंज कसते हुए आगे कहा कि विचित्र बात तो यह है कि जो रोशन लाल चौधरी और उनके नेता अडानी के पक्ष में पोस्ट कर रहे हैं, वही संघर्ष खत्म होने के बाद 'बेचारे' बनकर क्रेडिट लूटने पहुँच गए। रोशन लाल जी, आपके नेता दिल्ली और रांची में बैठकर अडानी के लिए जमीन बिछा रहे हैं और आप यहाँ फोटो खिंचवाकर क्रेडिट लेने का नाटक कर रहे हैं। जनता सब जानती है कि कौन 'सेटिंग' में लगा है और कौन उनके हक के लिए लाठियां खाने को तैयार खड़ा है।"


फर्जीवाड़े और हिंसा का पर्दाफाश


अंबा प्रसाद ने खुलासा किया कि अडानी कंपनी ने दूसरे जिलों से लोगों को 2000-2000 रुपये देकर बुलाया था और नकाबपोश गुंडों से तोड़-फोड़ कराई ताकि रैयतों पर फर्जी केस दर्ज कराए जा सकें। लेकिन गोंडलपुरा की जागरूक जनता ने न सिर्फ उन फर्जी लोगों को खदेड़ा, बल्कि कंपनी के दलालों को भी आइना दिखा दिया। अंबा प्रसाद ने अंत में संकल्प दोहराया कि बड़कागांव की एक इंच जमीन भी किसी पूंजीपति को छल से लेने नहीं दी जाएगी। यह जीत उन हजारों ग्रामीणों के अटूट संघर्ष की है जिन्होंने अपनी मिट्टी के लिए आवाज बुलंद की।


ब्यूरो रिपोर्ट हजारीबाग 

Ashok Banty Raj - 9835533100

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