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सिकरी बड़कागांव में दक्षिण भारतीय वास्तुकला और तकनीकों से आधारित शिव मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा पूरे धूमधाम और भव्य समारोह के साथ संपन्न।

सिकरी बड़कागांव में दक्षिण भारतीय वास्तुकला और तकनीकों से आधारित शिव मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा पूरे  धूमधाम और भव्य समारोह के साथ संपन्न। हजा...


सिकरी बड़कागांव में दक्षिण भारतीय वास्तुकला और तकनीकों से आधारित शिव मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा पूरे  धूमधाम और भव्य समारोह के साथ संपन्न।


हजारीबाग/झारखंड 


हजारीबाग, झारखंड - बड़कागांव प्रखंड के सिकरी राजबागी स्थित एमडीओ कॉलोनी में त्रिवेणी सैनिक माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के सौजन्य से नव निर्मित भव्य शिव मंदिर में पांच दिवसीय महायज्ञ के साथ शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा भव्य समारोह के साथ संपन्न हुआ। यह मंदिर नौ महीने की अथक मेहनत के बाद दक्षिण भारतीय वास्तुकला और तकनीकों से बनकर तैयार हुआ है।

31 जुलाई से 4 अगस्त 2025 तक चले इस धार्मिक आयोजन में त्रिवेणी सैनिक के कर्मचारियों और आसपास के गांवों, जैसे सिकरी,चमगढ़ा,पकरी बरवाडीह,जुगरा,लंगातू, बड़कागांव और महटीकरा सहित आसपास के अनेकों गांवों के हजारों श्रद्धालु इस प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए। इस महायज्ञ का शुभारंभ 31 जुलाई से भव्य कलश यात्रा के साथ  शुभारंभ हुआ जिसमें 301 के करीब महिलाओं और कन्याओं ने पवित्र जल से भरे कलश लेकर उसे यज्ञशाला में स्थापित किया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों  की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय और पारंपरिक आस्था का केंद्र हो गया।

वाराणसी से आये हुए कुल नौ 


यज्ञ के आचार्यों और मुख्य पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण और नियम निष्ठा के साथ अपने यजमानों के संग सभी धार्मिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न कराए। 01 से 03 अगस्त तक महापूजा-अर्चना और संध्या महाआरती का आयोजन किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में आसपास के भक्तगण और ग्रामीण शामिल हुए।

पांच दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन के अंतिम दिन 04 अगस्त को महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ भगवान शिव,माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में त्रिवेणी सैनिक के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। पूजा में त्रिवेणी सैनिक के अधिशासी निदेशक बी.कार्तिकेयन भी शामिल हुए जिन्हें उपस्थित आचार्यों ने वैदिक मंत्रों के साथ ध्यान पूजा- अर्चना,मंगल-गीत और लघु-आरती करवाये और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस पावन अवसर की पूर्णाहुति के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे और महाप्रसाद के वितरण का भी आयोजन किया गया। इस भव्य मंदिर की आधारशिला से लेकर निर्माण,विधिवत पूजा और प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन में श्री एस.पी.आर.वेंकटचलम महोदय का अथक और अतुलनीय योगदान रहा। त्रिवेणी सैनिक कंपनी द्वारा निर्मित यह भव्य मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र माना जा रहा है, बल्कि यह क्षेत्रीय एकता,सौहार्द और सामूहिक सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है जो आगे चलकर और भी मजबूत होगा। इस भव्य समारोह के आयोजन से पूरे क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का माहौल है।


ब्यूरो रिपोर्ट हजारीबाग 

Ashok Banty Raj - 9835533100

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