बीती रात दो सर्पदंश की घटनाओं ने मचाया हड़कंप, इलाज के दौरान दोनों की मौत। केरेडारी हजारीबाग Ashok Banty Raj केरेडारी/पेटो : केरेडारी प्रख...
बीती रात दो सर्पदंश की घटनाओं ने मचाया हड़कंप, इलाज के दौरान दोनों की मौत।
केरेडारी/पेटो : केरेडारी प्रखंड में बीती रात सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं में एक छह वर्षीय मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई। दोनों घटनाओं ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था और केरेडारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में इलाज की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
पेटो गांव में बुझ गया घर का इकलौता चिराग
केरेडारी थाना क्षेत्र के चट्टी पेटो गांव निवासी पप्पू साहू का छह वर्षीय पुत्र राजन कुमार बीती देर रात जहरीले सांप के डंसने का शिकार हुआ। परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए केरेडारी सीएचसी लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि समय पर समुचित उपचार नहीं मिलने के कारण बच्चे की हालत बिगड़ती चली गई और उसकी जान चली गई। राजन अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में बच्चे की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब मातम पसरा है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्पदंश जैसे आपातकालीन मामले में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में उपचार में किसी भी स्तर की देरी बेहद गंभीर है।
बड़का आम के पास महिला को डंसा करैत, हजारीबाग में मौत
दूसरी घटना केरेडारी के बड़का आम क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां बीती रात एक महिला को करैत सांप ने डंस लिया। परिजनों के अनुसार महिला को तत्काल केरेडारी सीएचसी लाया गया। आरोप है कि वहां चिकित्सक डॉ. विनय कुमार ने कथित तौर पर कहा कि महिला के शरीर में जहर नहीं है। बाद में महिला की हालत बिगड़ने पर उसे हजारीबाग ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजन और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने संभाला मोर्चा, कार्रवाई की मांग
दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। दक्षिणी जिला परिषद सदस्य अनीता सिंह और प्रखंड प्रमुख सुनीता कुमारी ग्रामीणों के साथ मौके पर मौजूद रहीं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने केरेडारी सीएचसी की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रभारी नफीस अंजुम और चिकित्सक डॉ. विनय कुमार के खिलाफ जांच कर निलंबन की कार्रवाई की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सर्पदंश के मामलों में समय पर एंटी-स्नेक वेनम, निगरानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होगी तो ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर भरोसा कैसे कायम रहेगा?
एक ही रात में दो मौतें, व्यवस्था के सामने बड़ा सवाल
बीती रात की दोनों घटनाओं ने केरेडारी की स्वास्थ्य व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल सिर्फ दो मौतों का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का है जहां सर्पदंश जैसे गंभीर मामलों में ग्रामीणों को तत्काल और प्रभावी इलाज की उम्मीद रहती है। हालांकि चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इन गंभीर आरोपों पर क्या संज्ञान लेता है और जिम्मेदारी तय करने के लिए क्या कार्रवाई करता है।
ब्यूरो रिपोर्ट हजारीबाग


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