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PVUNL द्वारा महिलाओं के लिए 15 दिवसीय फ्लाई ऐश आधारित सतत सामग्री निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ।

PVUNL द्वारा महिलाओं के लिए 15 दिवसीय फ्लाई ऐश आधारित सतत सामग्री निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ। पतरातु रामगढ़ Ashok Banty Raj  पतर...

PVUNL द्वारा महिलाओं के लिए 15 दिवसीय फ्लाई ऐश आधारित सतत सामग्री निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ।


पतरातु रामगढ़

Ashok Banty Raj 


पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) द्वारा महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं सतत आजीविका सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "फ्लाई ऐश के उपयोग से सतत सामग्री निर्माण" विषय पर 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज नेताजी सुभाष हॉल, पीवीयूएनएल में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन ए.के. सहगल, (सीईओ), पीवीयूएनएल द्वारा किया गया। इस अवसर पर सर्किल ऑफिसर  मनोज कुमार चौरसिया भी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में श्री सहगल ने कहा कि फ्लाई ऐश के उत्पादक उपयोग के माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाकर अपने कौशल को विकसित करने तथा इसे आजीविका के साधन के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीवीयूएनएल के आसपास स्थित गांवों कोतो, किरिगड़ा, रसदा एवं बालकुंद्रा की कुल 24 महिलाएं भाग ले रही हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को फ्लाई ऐश आधारित उत्पादों के निर्माण संबंधी व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 06 जून 2026 से प्रारंभ हुआ है तथा इसका संचालन मेसर्स अश्ट्रैक ईको प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को फ्लाई ऐश एवं संबंधित रसायनों के सुरक्षित उपयोग, मिश्रण एवं मोल्डिंग तकनीकों, क्योरिंग एवं फिनिशिंग प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण तथा विभिन्न उत्पादों के निर्माण संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम के अंत में तैयार उत्पादों का प्रदर्शन (शोकेस) भी आयोजित किया जाएगा।
इस पहल से महिलाओं के कौशल विकास एवं स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की अपेक्षा है। साथ ही, फ्लाई ऐश के उत्पादक उपयोग के माध्यम से "वेस्ट-टू-वेल्थ" की अवधारणा को बढ़ावा मिलेगा तथा सतत आजीविका सृजन के नए आयाम स्थापित होंगे। यह कार्यक्रम पीवीयूएनएल की सीएसआर एवं सामुदायिक विकास गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ स्थानीय समुदाय की सहभागिता को भी सुदृढ़ करेगा।

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