प्रयागराज/करछना रिपोर्ट:- विजय कुमार मिश्रा प्रयागराज* 🚨*“पुस्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप, घर में घुसकर मारपीट से लेकर फसल बर्बादी तक 20 दिन...
प्रयागराज/करछना
रिपोर्ट:- विजय कुमार मिश्रा प्रयागराज*
🚨*“पुस्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप, घर में घुसकर मारपीट से लेकर फसल बर्बादी तक 20 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, कौंधियारा थाना पर उठे गंभीर सवाल; नामजद लोगों के हौसले बुलंद!”*
जनपद प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र के ग्राम सोढीया से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने गांव के कई नामजद लोगों पर जमीन कब्जाने की कोशिश, मारपीट, तोड़फोड़, फसल नुकसान और जान से मारने की धमकी जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़ित विजय कुमार मिश्रा ने थाना प्रभारी कौंधियारा को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी पुस्तैनी भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
घटनाओं की पूरी श्रृंखला ने बढ़ाई चिंता
प्रार्थना पत्र के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 को आरोपितों ने घर में घुसकर मारपीट की, जानलेवा हमला किया, दो मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़ की और गौ माता को बुरी तरह पीटा, जिससे उसका गर्भपात हो गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को दोबारा मारपीट, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार (मुंह पर थूकना) और लगभग ₹1000 छीनने की घटना सामने आई।
वहीं 17 अप्रैल को खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाकर आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। पीड़ित का घर तक आने-जाने का रास्ता भी बाधित कर दिया गया है, डेरी (दूध आपूर्ति) बंद कराई जा रही है और सामाजिक बहिष्कार जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। विरोध करने पर लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे परिवार दहशत में जी रहा है।
इन नामजद लोगों पर लगे आरोप
प्रार्थना पत्र में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें—
अनूप मिश्रा, वीरेंद्र, राजेंद्र उर्फ मूसे, योगेंद्र, नरेंद्र, गोरेलाल, नक्कू, पवन, सूरज, वेदानंद, यज्ञानंद, देवानंद, सचिन मिश्रा, आयुष, अनामिका, मंजू देवी, गुड़िया, शोभनाथ, कृष्णाकांत, हरिकांत, रोहित, बालाधर, शशिधर, ऋतिक, ऋषभ आदि शामिल बताए गए हैं।
पहले से दर्ज हैं कई मामले पीड़ित ने बताया कि इससे जुड़े प्रकरण पहले भी दर्ज हैं, जिनमें अपराध संख्या 109/2026, 279/2021, 35/2004 ,171/2025 शामिल हैं। इसके बावजूद आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
20 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं।उठे सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने गंभीर आरोपों और घटनाओं के बावजूद 20 दिन बीत जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और चर्चा है कि कार्रवाई में देरी से आरोपितों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं।पीड़ित की मांग सुरक्षा और न्याय प्रार्थी ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल गिरफ्तार कर निष्पक्ष जांच की जाए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो फसल नुकसान और तोड़फोड़ का मुआवजा दिलाया जाए बाधित रास्ता तुरंत खुलवाया जाए परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए यह मामला अब सिर्फ एक शिकायत नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी की बड़ी परीक्षा बन चुका है। अब देखना होगा कि क्या पुलिस और प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी सवालों के घेरे में ही रह जाएगा।
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